सहारनपुर के बाद लखनऊ में नकली नोटों का रैकेट बेनकाब, दिल्ली से आती थी खेप

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डेस्क : सहारनपुर में नकली नोटों की बरामदगी के बाद अब लखनऊ में भी नकली करेंसी के एक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। नाका पुलिस ने चारबाग स्थित दुर्गापुरी स्टेशन के पास से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 30 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नकली नोटों की खेप दिल्ली से लखनऊ पहुंचाई जा रही थी और इसके बाद इसे अलग-अलग लोगों तक पहुंचाया जाता था।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुस्तकीम और सुलेमान के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने गिरोह के सरगना के रूप में दिल्ली निवासी हारुन का नाम बताया है। पुलिस का दावा है कि हारुन दिल्ली से पूरे नेटवर्क का संचालन करता था और अपने एजेंटों के जरिए नकली नोटों की खेप लखनऊ भेजता था।

जांच में यह भी सामने आया कि नकली नोटों को बस और ट्रेन के माध्यम से लखनऊ भेजा जाता था। बस से आने वाली खेप को आलमबाग बस अड्डे या आगरा एक्सप्रेसवे के आसपास उतारकर गिरोह के सदस्य उसे हासिल करते थे। वहीं, ट्रेन के जरिए खेप भेजे जाने पर गिरोह का एक सदस्य नकली नोटों से भरा बैग लेकर साथ यात्रा करता था।

एक लाख के बदले तीन लाख नकली नोट

पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके की जानकारी भी सामने आई है। बताया गया कि एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट देने का लालच दिया जाता था। गिरफ्तार दोनों भाइयों की भूमिका नकली नोटों की खेप लेकर उसे एजेंटों और ग्राहकों तक पहुंचाने की बताई गई है।

कई राज्यों में नेटवर्क का दावा

पुलिस के अनुसार, नकली नोटों का यह नेटवर्क दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों तक फैला हो सकता है। बिहार भेजी जाने वाली खेप को बसों के जरिए भेजे जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और परिवहन के साधनों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

मामले की जांच के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं। मुख्य आरोपी हारुन की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस दिल्ली में भी संबंधित एजेंसियों से संपर्क कर गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।