शुद्धिकरण विवाद पर भाजपा का पलटवार, सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को घेरा

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डेस्क : उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने शनिवार को कहा कि सामने आए वीडियो में जाति से जुड़ा कोई पहलू नजर नहीं आता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस बार-बार जाति, भाषा, क्षेत्र और अन्य मुद्दों को उठाकर हिंदू समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करती है।

नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उस मांग पर भी निशाना साधा, जिसमें उन्होंने कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (SC/ST) अधिनियम के तहत तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। त्रिवेदी ने कहा कि उपलब्ध दोनों वीडियो में कहीं भी जातिगत विवाद का स्पष्ट आधार दिखाई नहीं देता।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास समाज में मतभेद पैदा करने के लिए अब कोई नया मुद्दा नहीं बचा है। उनके अनुसार, कांग्रेस कभी जाति, कभी भाषा, कभी क्षेत्र और कभी महिला-पुरुष या अगड़े-पिछड़े वर्ग के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करती है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का उद्देश्य हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संघर्ष पैदा करना है।

भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के दलितों से जुड़े बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने राजस्थान में दलित समुदाय से जुड़े कई मामलों का जिक्र करते हुए कांग्रेस शासन के दौरान कानून-व्यवस्था और सामाजिक न्याय के रिकॉर्ड पर सवाल खड़े किए। उन्होंने भीवाड़ी में हरिश जाटव, अलवर में योगेश जाटव और झालावाड़ में कृष्ण वाल्मीकि से जुड़े मामलों का उल्लेख किया।

त्रिवेदी ने कर्नाटक में कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के आवास पर हुए हमले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक अनुसूचित जाति समुदाय से होने के बावजूद कांग्रेस ने उनका पर्याप्त समर्थन नहीं किया और उन्हें कानूनी लड़ाई अकेले लड़नी पड़ी।

इसके जवाब में भाजपा नेता ने पार्टी के सामाजिक समरसता के दावे को सामने रखा। उन्होंने 1989 में राम मंदिर के शिलान्यास से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि दलित समुदाय से आने वाले कामेश्वर चौपाल ने आधारशिला रखी थी। उन्होंने वाराणसी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वाल्मीकि समुदाय के सदस्यों के पैर धोने का भी जिक्र किया।

त्रिवेदी ने कांग्रेस और डॉ. भीमराव आंबेडकर के ऐतिहासिक संबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा 1952 में आंबेडकर की चुनावी हार के बाद कथित रूप से लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए कांग्रेस के दलित हितों से जुड़े दावों पर सवाल खड़ा किया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस पर ‘दलित विरोधी’ मानसिकता रखने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी राजनीतिक लाभ के लिए दलित मुद्दों का इस्तेमाल करती है। पासवान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कुमारी सैलजा और वी. नारायणसामी सहित कई नेताओं से जुड़े मामलों का भी उल्लेख किया।

दरअसल, यह पूरा विवाद राहुल गांधी की उस मांग के बाद तेज हुआ है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड में कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को SC/ST अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मामले में हस्तक्षेप कर खरगे को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस की राजनीतिक लड़ाई विचारधारा और संविधान की रक्षा के लिए है तथा पार्टी का ध्यान भाजपा के संगठनात्मक बदलावों के बजाय सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर है।