खरगे ‘शुद्धिकरण’ विवाद पर गरमाई सियासत, थरूर बोले- भाजपा की विचारधारा जिम्मेदार

0

नई दिल्ली :  उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दौरे के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ की रस्म को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। थरूर ने आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद की जड़ भाजपा नेतृत्व और उसकी विचारधारा में मौजूद भेदभावपूर्ण मानसिकता है।

थरूर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि बहाने, खेद या शब्दों की बाजीगरी इस घटना की असली समस्या को नहीं छिपा सकती। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक खींचतान का मामला नहीं है, बल्कि इसका व्यापक असर दलित समाज पर पड़ता है।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि “खरगे जी को न्याय, सभी दलितों को न्याय” के समान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

थरूर ने कथित शुद्धिकरण को महज सफाई या सामान्य धार्मिक रस्म बताने की कोशिशों को भी खारिज किया। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी प्रमुख दलित नेता के कार्यक्रम के बाद इस तरह का अनुष्ठान किया जाना छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे असंवैधानिक और अस्वीकार्य बताते हुए एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की।

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी घटना को लेकर भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधा और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि यह घटना दलित नेता के प्रति भेदभाव को दर्शाती है।

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। भाजपा की ओर से इसे सामाजिक और जातीय आधार पर राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश बताया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि घटना के दौरान धार्मिक नारे लगाए गए थे और लोगों की प्रतिक्रिया उनके भावनात्मक जुड़ाव का परिणाम थी।

खरगे से जुड़े इस विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में नया सियासी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस जहां इसे सामाजिक भेदभाव और संविधान के मूल्यों से जोड़ रही है, वहीं भाजपा इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रही है।