व्रत के दिनों में अक्सर यह सवाल रहता है कि ऐसा क्या बनाया जाए जो स्वादिष्ट भी हो, पेट भरने वाला भी और रोज़-रोज़ के फलाहार से थोड़ा अलग भी। ऐसे में कच्चे पपीते का पैनकेक एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। हल्का मसालेदार, बाहर से हल्का कुरकुरा और अंदर से नरम यह पैनकेक व्रत की थाली में एक नया स्वाद जोड़ देता है।
सामग्री
- 1 कप कच्चा पपीता, कद्दूकस किया हुआ
- ½ कप कुट्टू का आटा
- 2 बड़े चम्मच साबूदाने का आटा
- 1 हरी मिर्च, बारीक कटी हुई
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1 छोटा चम्मच सेंधा नमक
- ½ छोटा चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 1 बड़ा चम्मच हरा धनिया, बारीक कटा हुआ
- आवश्यकतानुसार पानी
- सेंकने के लिए घी या मूंगफली का तेल
बनाने की विधि
सबसे पहले कच्चे पपीते को धोकर छील लें और बारीक कद्दूकस कर लें। यदि पपीते में अधिक पानी हो तो उसे हल्का निचोड़ लें।
अब एक बड़े बर्तन में कद्दूकस किया हुआ पपीता, कुट्टू का आटा और साबूदाने का आटा डालें। इसमें सेंधा नमक, जीरा, काली मिर्च, हरी मिर्च और हरा धनिया मिलाएं।
थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए इसका गाढ़ा लेकिन आसानी से फैलने वाला घोल तैयार करें। घोल को 5–10 मिनट के लिए रख दें, ताकि साबूदाने का आटा नमी सोख ले।
अब तवा गर्म करें और उस पर थोड़ा घी लगाएं। एक कलछी घोल डालकर हल्के हाथ से गोल आकार में फैलाएं। मध्यम आंच पर पैनकेक को तब तक सेंकें, जब तक नीचे की सतह सुनहरी और कुरकुरी न हो जाए।
अब इसे सावधानी से पलटें और दूसरी तरफ भी घी लगाकर सुनहरा होने तक सेंक लें।
गरमागरम कच्चे पपीते के पैनकेक को व्रत वाली हरी चटनी, दही या मूंगफली की चटनी के साथ परोसें।
स्वाद के साथ सेहत भी
कच्चे पपीते का इस्तेमाल आमतौर पर सब्जी या सलाद में किया जाता है, लेकिन पैनकेक के रूप में इसका स्वाद बिल्कुल अलग अनुभव देता है। कुट्टू और साबूदाने के साथ मिलकर यह एक ऐसा फलाहारी व्यंजन बन जाता है, जिसे नाश्ते से लेकर शाम के हल्के भोजन तक आसानी से परोसा जा सकता है।
किचन टिप: पैनकेक को धीमी-मध्यम आंच पर सेंकें। इससे बाहर से अच्छी तरह कुरकुरा और अंदर से नरम बनेगा।








