डेस्क : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवाओं से देशहित को सर्वोपरि रखने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि युवा यह सोचने के बजाय कि देश ने उनके लिए क्या किया है, खुद से यह सवाल करें कि वे देश के लिए क्या कर सकते हैं।
डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए सीतारमण ने जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी के युवाओं से जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की भावना के साथ आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश युवाओं की उम्मीदों और उनकी आवाज को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन युवाओं को भी अपने आसपास की परिस्थितियों, अपनी भूमिका और देश के प्रति अपने योगदान को गंभीरता से समझना होगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि चाहे युवा स्वयं को जेन-जी कहें या जेन-अल्फा, उनकी बात सुनी जाएगी और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। हालांकि, इसके साथ ही उन्हें नेतृत्व की जिम्मेदारी भी संभालनी होगी।
उन्होंने युवा स्नातकों से राष्ट्र के विकास में अपनी क्षमता, ज्ञान और ऊर्जा का उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि देश के भविष्य को मजबूत बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सीतारमण ने कहा कि नई पीढ़ी को केवल अपने अधिकारों पर ही नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों और देश के प्रति जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना चाहिए।








