नई दिल्ली : संसद में छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध सोमवार को भी जारी रहा। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में सामान्य बयान देने की पेशकश को खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष किसी सामान्य विषय पर उनका भाषण सुनने के लिए तैयार नहीं है। राहुल गांधी ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं।
राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री को संसद में स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली में 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज, कीलों वाले डंडों और पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। उन्होंने कहा कि यदि यह आदेश अमित शाह ने दिया था तो उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए और यदि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी तो यह उनकी अक्षमता है। राहुल ने दोनों परिस्थितियों में गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
राहुल गांधी की तीन मांगें
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष की पहली मांग दिल्ली में छात्रों पर बल प्रयोग और पेलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री से स्पष्ट जवाब की है। दूसरी मांग प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश और युवाओं से सार्वजनिक माफी की है।
तीसरी मांग अयोध्या स्थित राम मंदिर के चंदे और दान में कथित हेराफेरी तथा चोरी के मामले में सरकार से जवाब की है। कांग्रेस इन तीनों मुद्दों को लेकर संसद में सरकार पर दबाव बना रही है।
सरकार चर्चा के लिए तैयार
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि सरकार छात्र आंदोलन में हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री अमित शाह इस मुद्दे पर सदन में जवाब देंगे। हालांकि, राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सामान्य चर्चा नहीं, बल्कि छात्रों पर हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने वाला स्पष्ट जवाब चाहता है।
राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है। विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन संसद परिसर में जारी है और इन मांगों को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच टकराव बना हुआ है।








