ट्रंप का ईरान को दो टूक संदेश: 50 साल के नुकसान की भरपाई करे तेहरान

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वॉशिंगटन : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान से पिछले 50 वर्षों में हुए कथित नुकसान की भरपाई की मांग की है। ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान अमेरिका से युद्ध और सैन्य कार्रवाइयों में हुए नुकसान का मुआवजा मांग रहा है, तो अमेरिका भी ईरान से हुए नुकसान का हर्जाना मांगेगा।

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस समय जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नौसेना का “100 प्रतिशत नियंत्रण” है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने वहां ऐसी नाकाबंदी कर रखी है, जिसे पार करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी इच्छा के मुताबिक जहाजों को आने-जाने की अनुमति दे रहा है, लेकिन उन्हें ईरान की ओर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही।

ईरान की मुआवजे की मांग पर पलटवार

ट्रंप ने कहा कि ईरानी पक्ष ने हाल के सैन्य संघर्ष के दौरान हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजे और आर्थिक क्षतिपूर्ति की मांग की है। उन्होंने इसे दिलचस्प मांग बताते हुए कहा कि यदि नुकसान की भरपाई की बात हो रही है, तो ईरान को भी पिछले पांच दशकों में हुए नुकसान के लिए भुगतान करना चाहिए।

इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान की मुआवजे की मांग को खारिज करते हुए कहा था कि तेहरान को पहले अपने कार्यों से हुई मौतों और नुकसान की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ईरानी प्रतिनिधि हालिया पांच महीने के सैन्य संघर्ष में हुए नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति की मांग कर रहे हैं।

USS Cole हमले से लेकर सुलेमानी तक का जिक्र

ट्रंप ने अपनी जवाबी मांग में ईरान से उन लोगों के लिए भी मुआवजा मांगा, जिनके मारे जाने या गंभीर रूप से घायल होने का आरोप उन्होंने ईरान से जुड़े हमलों पर लगाया। उन्होंने वर्ष 2000 में अमेरिकी युद्धपोत USS Cole पर हुए हमले का भी उल्लेख किया।

ट्रंप ने ईरान के दिवंगत सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी का भी जिक्र किया। सुलेमानी को जनवरी 2020 में बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मार दिया गया था। इस कार्रवाई को ट्रंप ने अपने राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान अधिकृत किया था।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान में पिछले पांच दशकों के दौरान प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के परिवारों के लिए भी मुआवजे की मांग की। उन्होंने हालिया पांच महीने के संघर्ष में करीब 52 हजार लोगों के मारे जाने का दावा भी किया।

भविष्य की वार्ता में रखी जाएगी मांग

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि ईरान के साथ होने वाली भविष्य की सभी कूटनीतिक वार्ताओं में इन मांगों को मजबूती से रखा जाए।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर ईरान ने युद्ध क्षतिपूर्ति, अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने और अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी समाप्त करने जैसी शर्तों को बातचीत से जोड़ा है। ऐसे में ट्रंप की ताजा मांग से अमेरिका-ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत और जटिल होती दिखाई दे रही है।