डेस्क : उद्योगपति गौतम अडानी को अमेरिका में चल रहे चर्चित आपराधिक मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। अमेरिकी संघीय अदालत ने अडानी के खिलाफ धोखाधड़ी और रिश्वत के आरोपों से जुड़े आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया था, जिसके बाद अदालत ने अभियोजन पक्ष की मांग स्वीकार कर ली।
यह मामला नवंबर 2024 में सामने आया था। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि अडानी और उनके सहयोगियों ने भारत में सौर ऊर्जा से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने की योजना बनाई और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया। अडानी और अडानी समूह ने इन आरोपों से लगातार इनकार किया था।
न्याय विभाग ने क्यों वापस लिया केस?
अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले को छोड़ने के पीछे कई कारण बताए। इनमें मामले का विदेशी परिस्थितियों से जुड़ा होना, आरोपों को अदालत में साबित करने में कठिनाई और एजेंसियों की बदलती प्राथमिकताएं शामिल थीं। अमेरिकी जिला जज निकोलस गारॉफिस ने अभियोजन पक्ष की मांग स्वीकार करते हुए केस खारिज कर दिया, हालांकि उन्होंने न्याय विभाग के फैसले की प्रक्रिया को लेकर चिंता भी जताई।
अडानी ने फैसले का किया स्वागत
केस खारिज होने के बाद गौतम अडानी ने फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पूरी कानूनी प्रक्रिया के दौरान उनका सत्य, निष्पक्षता और कानून के शासन में विश्वास कायम रहा।
अमेरिकी अदालत का यह फैसला अडानी के लिए महत्वपूर्ण कानूनी राहत माना जा रहा है। हालांकि, मामले से जुड़े कुछ अन्य नागरिक और नियामकीय मामले अलग प्रक्रियाओं के तहत रहे हैं।








