नई दिल्ली : एनआईए से जुड़े एक मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को एक महीने के लिए अपने-अपने देश जाने की अनुमति दी है। अदालत ने निर्देश दिया है कि तय अवधि पूरी होने के बाद सभी को भारत लौटना होगा।
सातों विदेशी नागरिकों को मार्च में गिरफ्तार किया गया था। एनआईए का आरोप है कि वे म्यांमार में भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्धकला का प्रशिक्षण देने से जुड़े थे। इस मामले में शुरुआत में यूएपीए की धारा 18 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
एनआईए की ओर से दाखिल पहली चार्जशीट में हालांकि यूएपीए की धाराएं शामिल नहीं की गई हैं। एजेंसी ने अदालत को बताया कि आतंकवाद से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे कार्रवाई की जा सकती है।
अदालत इससे पहले छह यूक्रेनी नागरिकों और अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को डिफॉल्ट जमानत दे चुकी है। अब सातों को अपने परिवार से मिलने के लिए एक महीने के लिए विदेश जाने की अनुमति दी गई है। अदालत ने उनके पासपोर्ट जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।
अदालत ने आरोपियों को जांच में सहयोग करने तथा अपना पता, फोन नंबर और अन्य जरूरी जानकारी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें निर्धारित अवधि समाप्त होने पर भारत लौटने के लिए कहा गया है।








