डेस्क : अगर आपने अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल कर दिया है और अब निश्चिंत हैं, तो एक बार जरूर जांच लें कि आपने अपने रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन किया है या नहीं। केवल ITR फाइल करना ही पर्याप्त नहीं है। आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, रिटर्न दाखिल करने के बाद उसका सत्यापन करना भी जरूरी है। यदि निर्धारित समय सीमा में आईटीआर का सत्यापन नहीं किया जाता है, तो रिटर्न अमान्य माना जा सकता है। ऐसे में रिटर्न की प्रोसेसिंग रुक सकती है और टैक्स रिफंड मिलने में भी देरी हो सकती है।
पहले 120 दिन का मिलता था समय
आईटीआरदाखिल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन की समय सीमा पहले 120 दिन थी। हालांकि, 1 अगस्त 2022 से इसमें बदलाव करते हुए समय सीमा घटाकर 30 दिन कर दी गई। ऐसे में जिन करदाताओं ने अपना ITR दाखिल कर दिया है, लेकिन अभी तक उसका सत्यापन नहीं किया है, उन्हें जल्द से जल्द ई-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
घर बैठे कुछ मिनटों में कर सकते हैं ई-वेरिफिकेशन
आयकर विभाग ने ITR के ई-वेरिफिकेशन के लिए कई ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराए हैं। इनमें आधार OTP, बैंक अकाउंट EVC, डीमैट अकाउंट EVC, नेट बैंकिंग और डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) शामिल हैं।
आधार OTP: यदि आपका आधार मोबाइल नंबर से लिंक है, तो आधार पर प्राप्त OTP के जरिए आसानी से ITR का सत्यापन किया जा सकता है। यह सबसे आसान और तेज विकल्पों में से एक है।
बैंक अकाउंट EVC: ई-फाइलिंग पोर्टल पर पहले से प्री-वैलिडेटेड बैंक अकाउंट के जरिए इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (EVC) जनरेट कर ITR को सत्यापित किया जा सकता है।
डीमैट अकाउंट EVC: जिन करदाताओं का डीमैट अकाउंट ई-फाइलिंग पोर्टल पर प्री-वैलिडेटेड है, वे इसके जरिए भी EVC जनरेट कर अपना ITR वेरिफाई कर सकते हैं।
नेट बैंकिंग: अधिकृत बैंक की नेट बैंकिंग सुविधा के जरिए भी सीधे आयकर रिटर्न का ई-वेरिफिकेशन किया जा सकता है।
डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट: DSC के जरिए भी ITR को इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रमाणित किया जा सकता है। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनियों, प्रोफेशनल्स और उन करदाताओं द्वारा किया जाता है, जिनके लिए DSC के जरिए सत्यापन आवश्यक है।
ऑनलाइन सत्यापन संभव नहीं तो ITR-V भेज सकते हैं
यदि कोई करदाता ऑनलाइन ई-वेरिफिकेशन नहीं कर पाता है, तो उसके पास ऑफलाइन विकल्प भी मौजूद है। इसके लिए ITR-V फॉर्म डाउनलोड कर उसका प्रिंट निकालना होगा। इसके बाद उस पर हस्ताक्षर करके निर्धारित समय सीमा के भीतर डाक के जरिए सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC), बेंगलुरु भेजना होगा।
वेरिफिकेशन के बाद शुरू होती है रिटर्न की प्रोसेसिंग
ITR का सफलतापूर्वक ई-वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही आयकर विभाग रिटर्न की प्रोसेसिंग आगे बढ़ाता है। सत्यापन पूरा होने पर करदाता को स्क्रीन पर कन्फर्मेशन मैसेज और ट्रांजैक्शन आईडी मिलती है। इसके अलावा रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भी इसकी पुष्टि भेजी जाती है।
ऐसे में अगर आपने ITR दाखिल कर दिया है, तो यह जरूर सुनिश्चित करें कि उसका ई-वेरिफिकेशन भी समय पर पूरा हो गया है। रिटर्न दाखिल करने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर सत्यापन नहीं करने पर ITR अमान्य हो सकता है, जिससे रिफंड और रिटर्न प्रोसेसिंग में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।








