डेस्क : दिल्ली जल बोर्ड से जुड़े ट्यूबवेल री-बोरिंग घोटाले के मामले में राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने कपिल वालिया और रितेश वालिया को बरी कर दिया है। दोनों भाइयों को इससे पहले निचली अदालत ने दोषी ठहराते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी।
विशेष न्यायाधीश संजय जिंदल की अदालत ने कहा कि सीबीआई आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य पेश करने में विफल रही। अभियोजन यह साबित नहीं कर सका कि काम के दौरान निर्धारित जॉनसन पाइप नहीं लगाए गए थे या आरोपियों ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। अदालत ने इसी आधार पर निचली अदालत की दोषसिद्धि और सजा को रद्द कर दिया।
2007-08 के काम से जुड़ा था मामला
सीबीआई का मामला वर्ष 2007-08 में दिल्ली जल बोर्ड के दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में ट्यूबवेल लगाने और पुराने ट्यूबवेल के री-बोरिंग कार्य से संबंधित था। अगस्त 2025 में निचली अदालत ने कपिल और रितेश वालिया को दोषी ठहराते हुए तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद दोनों ने फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी।
अदालत के ताजा फैसले के बाद दोनों भाइयों को इस मामले में राहत मिली है।








