डेस्क : झारखंड में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए अब सभी जिलों में जिला स्तरीय टास्क फोर्स सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही अवैध खनन और खनिज परिवहन की निगरानी के लिए विभिन्न जिलों में चेकनाके भी बनाए जाएंगे। यह निर्णय शनिवार को खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया।
बैठक में खनन से जुड़े विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, शिकायतों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के साथ राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण से जुड़ी शिकायतों की जांच कर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
कई जिलों में पहले से चेकपोस्ट
बैठक में बताया गया कि धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा में स्थायी या अस्थायी चेकपोस्ट संचालित हो रहे हैं। चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर के खनन पदाधिकारियों ने नए चेकपोस्ट के लिए राशि की मांग की है। वहीं रांची, लातेहार, गिरिडीह, चाईबासा, लोहरदगा और कोडरमा में चेकनाके स्थापित करने का निर्णय लिया गया है।
अगस्त तक 9,877.98 करोड़ रुपये राजस्व वसूली
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में 27 हजार करोड़ रुपये के राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा गया है। अगस्त तक 9,877.98 करोड़ रुपये यानी लक्ष्य का 36.59 प्रतिशत राजस्व वसूला जा चुका है। चाईबासा, धनबाद, हजारीबाग और पाकुड़ खनन से सर्वाधिक राजस्व देने वाले जिलों में शामिल हैं।
बैठक में ‘खनन प्रहरी’ के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से जब्त खनिजों और वाहनों के नियमानुसार निस्तारण तथा खनिजों की वैध आपूर्ति के स्रोत बढ़ाने पर भी काम करने को कहा गया।








