इस सरकार को हटाइए’, मुझे घसीटकर ले जा रहे पुलिसवालों ने कान में कहा: राहुल गांधी

0

नई दिल्ली :  नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में जारी राजनीतिक घमासान के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी उन्हें घसीटकर ले गए और इसी दौरान कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके कान में कथित तौर पर कहा कि इस सरकार को हटाइए।

राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि पुलिसकर्मी भी मौजूदा हालात से खुश नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिसकर्मी जानते हैं कि जो कुछ हो रहा है, वह गलत है, लेकिन वर्दी में होने के कारण उन्हें अधिकारियों के आदेश का पालन करना पड़ता है।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें और अन्य नेताओं को पुलिस ने वहां से हटाया। राहुल गांधी के मुताबिक, कुछ पुलिसकर्मियों ने उनसे निजी तौर पर सरकार को हटाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिसकर्मी अपने बच्चों को भी उसी व्यवस्था का हिस्सा मानते हैं और इसलिए छात्रों के मुद्दे को समझते हैं।

दरअसल, नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक तथा अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन चल रहा है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साध रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन भी किया था।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर वहां से हटाया था। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश बताया है।

राहुल गांधी ने इससे पहले भी पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा था। उन्होंने दावा किया था कि पिछले 10 वर्षों में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद नीट और पेपर लीक का मुद्दा अब राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। विपक्ष जहां सरकार पर छात्रों की आवाज नहीं सुनने का आरोप लगा रहा है, वहीं इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है।