नई दिल्ली : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के आठ लोकसभा सांसदों ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सुप्रिया सुले के नेतृत्व में हुई करीब 15 मिनट की इस बैठक के बाद पार्टी के एनडीए के करीब जाने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, पार्टी सांसदों ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।
बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को लेकर राजनीतिक हलचल बनी हुई है। ऐसी चर्चा है कि सरकार को इस विधेयक के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत पड़ सकती है और इसी बीच एनसीपी (एसपी) सांसदों की प्रधानमंत्री से मुलाकात ने सियासी चर्चाओं को हवा दी है।
महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दे पीएम के सामने रखे
सांसदों ने प्रधानमंत्री के सामने महाराष्ट्र के विकास और किसानों से जुड़े कई मुद्दे उठाए। इनमें सूखाग्रस्त मराठवाड़ा के लिए विशेष राहत पैकेज, फसल बीमा योजना में सुधार और प्याज की कीमतों का मुद्दा प्रमुख रहा।
इसके अलावा समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले, अन्नाभाऊ साठे और राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग भी रखी गई। महाराष्ट्र की कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने की मांग भी सांसदों ने की।
सांसद बोले- विपक्ष में हैं और विपक्ष में ही रहेंगे
एनडीए में जाने की अटकलों पर एनसीपी (एसपी) सांसद बजरंग सोनावणे ने साफ कहा कि पार्टी विपक्ष में है और विपक्ष में ही रहेगी। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के नेताओं से मुलाकात का अर्थ यह नहीं है कि पार्टी उनके साथ जा रही है।
सांसद अमोल कोल्हे ने भी बैठक को महाराष्ट्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित बताया। उनका कहना था कि राजनीतिक मतभेदों को अलग रखते हुए राज्य के विकास पर चर्चा की गई।
परिसीमन पर अंतिम रुख विधेयक आने के बाद
परिसीमन विधेयक को लेकर एनसीपी (एसपी) ने कहा है कि उसका रुख विधेयक के अंतिम मसौदे को देखने के बाद तय होगा। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह फिलहाल विपक्षी गठबंधन के साथ मजबूती से खड़ी है।
ऐसे में प्रधानमंत्री से मुलाकात ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलों को जरूर जन्म दिया है, लेकिन पार्टी की ओर से फिलहाल एनडीए में शामिल होने या समर्थन देने की किसी योजना से इनकार किया गया है।








