डेस्क : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई हिंसक कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान सामने आया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि राज्य के खिलाफ विद्रोह या अवज्ञा को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि किसी भी बातचीत की शुरुआत राज्य के प्रति निष्ठा और पूर्ण आज्ञाकारिता से होती है। उन्होंने पीओके में आंदोलन कर रहे लोगों को पाकिस्तान के संविधान के अनुच्छेद-5 का हवाला देते हुए राज्य के प्रति वफादारी निभाने की बात कही।
पीओके में संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत की खबर सामने आई थी। प्रदर्शनकारी आर्थिक राहत, सस्ती बिजली और आटे की कीमतों में कमी सहित कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों के आंदोलन को राज्य के खिलाफ अवज्ञा से जोड़ते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनके बयान के बाद पाकिस्तान सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अपनाए गए रुख को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी संगठनों ने सुरक्षा बलों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार को बल प्रयोग के बजाय उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए। पीओके में जारी तनाव के बीच ख्वाजा आसिफ का बयान राजनीतिक विवाद को और बढ़ा सकता है।








