पेपर लीक केस ने बढ़ाई सियासी तपिश, भाजपा ने पवार परिवार को घेरा

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डेस्क : महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार और उनके पोते रोहित पवार से पेपर लीक के आरोपी सुनील गढ़वे के साथ उनके संबंधों को लेकर सार्वजनिक स्पष्टीकरण मांगा है।

महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बान ने गुरुवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रोहित पवार और सुनील गढ़वे की साथ की तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने शरद पवार के साथ गढ़वे की तस्वीरें भी सामने रखीं और सवाल उठाया कि आरोपी के साथ पवार परिवार के नेताओं के संबंध किस तरह के हैं।

BJP ने रोहित पवार पर लगाए आरोप

नवनाथ बान ने दावा किया कि सुनील गढ़वे रोहित पवार के करीबी हैं और पुणे में MPSC अभ्यर्थियों के आंदोलनों समेत कई गतिविधियों में दोनों ने साथ काम किया है। भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि गढ़वे रोहित पवार की कई गतिविधियों को संभालते थे। हालांकि, ये भाजपा के आरोप हैं और मामले की जांच जारी है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब NCP (शरद पवार गुट), कांग्रेस और रोहित पवार लगातार पेपर लीक मामले को लेकर भाजपा पर सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले NCP की ओर से गढ़वे की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ तस्वीरें साझा कर उनकी पहुंच और कथित संबंधों पर सवाल उठाए गए थे। अब भाजपा ने इन्हीं आरोपों का पलटवार करते हुए पवार परिवार को निशाने पर लिया है।

छह आरोपी गिरफ्तार

MPSC की 22 मार्च 2026 को आयोजित ड्रग इंस्पेक्टर (ग्रुप-बी) भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी गई है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले में MPSC के तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।

पेपर लीक मामले की जांच के बीच भाजपा और NCP के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। अब भाजपा की मांग के बाद पवार परिवार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजरें हैं।