ट्रंप बोले- यूरोपीय देश अपने भंडार से जारी करेंगे बड़ी मात्रा में डीजल, प्रक्रिया तत्काल शुरू

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डेस्क : वैश्विक आपूर्ति में व्यवधान के चलते बढ़ती ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि यूरोपीय देशों ने अपने भारी डीजल भंडार से बड़ी मात्रा में ईंधन जारी करने पर सहमति जताई है। ट्रंप के अनुसार, इसकी प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, “यूरोप ने अभी अपने भारी मात्रा में भंडारित डीजल तेल का बड़ा हिस्सा जारी करने पर सहमति जताई है। यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी।”

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनका प्रशासन डीजल की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया था कि क्या वह यूरोपीय देशों से आपातकालीन डीजल भंडार बाजार में जारी करने का आग्रह करेंगे। इस पर उन्होंने कहा था, “हम ऐसा कर सकते हैं।” उन्होंने साथ ही कहा कि कीमतें नीचे आ रही हैं।

अमेरिकी डीजल निर्यात पर भी विचार

डीजल की कीमतों पर दबाव कम करने के लिए अमेरिकी प्रशासन घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। इनमें अमेरिकी डीजल के निर्यात पर संभावित प्रतिबंध भी शामिल है।

एक टेलीविजन साक्षात्कार में ट्रंप से जब डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि प्रशासन इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस तरह के कदम से पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ सकता है।

ट्रंप ने मौजूदा बाजार दबाव के लिए मध्य पूर्व की स्थिति के बजाय रूस की रिफाइनरियों पर हो रहे हमलों को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष के दौरान रूसी रिफाइनरियों को निशाना बनाए जाने से डीजल आपूर्ति प्रभावित हुई है।

निर्यात प्रतिबंध को लेकर उद्योग जगत चिंतित

अमेरिकी डीजल निर्यात सीमित करने के प्रस्ताव को लेकर उद्योग संगठनों ने चिंता जताई है। 30 से अधिक अमेरिकी कॉरपोरेट, विनिर्माण और ऊर्जा संगठनों ने निर्यात प्रतिबंध का विरोध करते हुए कहा है कि इससे घरेलू रिफाइनिंग गतिविधियों के लिए प्रोत्साहन कम हो सकता है और इसके परिणामस्वरूप कीमतों में कमी के बजाय बढ़ोतरी हो सकती है।

इसके विपरीत, यूरोपीय देशों से उनके डीजल भंडार का कुछ हिस्सा जारी कराने का प्रयास वैश्विक बाजार में उपलब्ध आपूर्ति बढ़ाने पर केंद्रित होगा, जबकि अमेरिकी निर्यात पर सीधे प्रतिबंध लगाने से बचा जा सकेगा।

डीजल परिवहन, कृषि, निर्माण और भारी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण ईंधन है। इसकी कीमतों में वृद्धि का असर माल ढुलाई और उत्पादन लागत के जरिए व्यापक आपूर्ति श्रृंखला पर पड़ सकता है।