डेस्क: तमिलनाडु की राजनीति में थलपति विजय की बढ़ती चुनौती के बीच डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़े बदलाव किए हैं। पार्टी में नई ऊर्जा और नई पीढ़ी को आगे लाने के उद्देश्य से संगठनात्मक पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमाएं तय की गई हैं।
डीएमके के नए नियमों के अनुसार, शाखा पार्टी सचिव की अधिकतम उम्र 45 वर्ष निर्धारित की गई है। नगर, शहर और टाउन पंचायत वार्ड समिति सचिव के लिए 50 वर्ष, जबकि टाउन पंचायत, एरिया समिति और सिटी समिति सचिव के पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष रखी गई है। जिला पार्टी सचिव के लिए यह सीमा 70 वर्ष तय की गई है। इन पदों पर चुने जाने वाले नेताओं को अधिकतम दो कार्यकाल का अवसर मिलेगा।
पार्टी ने कुछ स्थानीय संगठनात्मक इकाइयों की संरचना में भी बदलाव किया है। ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन में प्रत्येक एरिया कमेटी औसतन 40 हजार मतदाताओं को कवर करेगी, जबकि अन्य नगर निगमों में यह संख्या करीब 30 हजार मतदाताओं की होगी। सिटी कमेटी के लिए भी औसतन 40 हजार मतदाताओं की संरचना तय की गई है।
इन प्रस्तावों को चेन्नई स्थित अन्ना अरिवालयम में हुई डीएमके कार्यकारी समिति की बैठक में मंजूरी दी गई। पार्टी ने इन सुधारों को संगठन में नई जान डालने की कवायद बताया है। डीएमके सांसद पी. विल्सन ने भी इन बदलावों का स्वागत करते हुए इसे सकारात्मक संरचनात्मक सुधार बताया।
राजनीतिक तौर पर इन बदलावों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर थलपति विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के बढ़ते प्रभाव के बीच डीएमके संगठन में युवाओं को अधिक अवसर देने और पार्टी के जमीनी ढांचे को मजबूत करने की स्टालिन की रणनीति के तौर पर इसे देखा जा रहा है।








