डेस्क : भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में सुधार की कोशिशों के बीच सोमवार को ढाका में उच्चस्तरीय कूटनीतिक और सुरक्षा संपर्क देखने को मिला। भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की, जबकि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के प्रमुख पराग जैन के नेतृत्व में भारतीय सुरक्षा प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ सुरक्षा मुद्दों पर बातचीत की।
तारिक रहमान के साथ बैठक में बांग्लादेश ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, ढाका ने उम्मीद जताई कि भारत हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद भारत में रह रही हैं।
रॉ प्रमुख ने की सुरक्षा वार्ता
रॉ प्रमुख पराग जैन के नेतृत्व में चार सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को ढाका पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल ने बांग्लादेश की खुफिया एजेंसी डीजीएफआई के अधिकारियों के साथ सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर बातचीत की। यह दौरा दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और आपसी विश्वास को मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार के संकेत
दिनेश त्रिवेदी और तारिक रहमान की मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। बैठक में दोनों देशों के बीच बेहतर संबंधों के लिए अनुकूल माहौल बनाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
त्रिवेदी ने बैठक को फलदायक बताया और कहा कि भारत और बांग्लादेश सिर्फ सीमाएं ही नहीं, बल्कि कई साझा सपने भी साझा करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तारिक रहमान के बीच संभावित मुलाकात से द्विपक्षीय मुद्दों के समाधान की उम्मीद भी जताई।
हसीना के बयान से बढ़ा था तनाव
हाल ही में शेख हसीना ने दिल्ली से एक मीडिया कार्यक्रम को संबोधित किया था, जिसके बाद बांग्लादेश ने कड़ी आपत्ति जताई थी। भारत ने इस कार्यक्रम से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया था कि इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह हसीना के बयानों का समर्थन नहीं करता।
ऐसे समय में रॉ प्रमुख का ढाका दौरा और भारतीय उच्चायुक्त की बांग्लादेशी प्रधानमंत्री से मुलाकात को दोनों देशों के बीच संवाद बहाल करने की महत्वपूर्ण कोशिश माना जा रहा है।








