गहलोत के निशाने पर भाजपा सरकार, बोले- विधायकों पर जमीन कब्जाने के आरोप, सरकार मौन

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डेस्क : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और सरकारी कामकाज को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही भाजपा के कुछ मंत्रियों और विधायकों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ विधायक जमीनों पर कब्जे जैसे मामलों में घिरे हुए हैं, लेकिन सरकार की ओर से जवाबदेही तय नहीं की जा रही। उन्होंने खींवसर से भाजपा विधायक रेवतराम डांगा का नाम लेते हुए दावा किया कि एक रिपोर्ट में उन पर 205 बीघा जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया है। गहलोत ने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी पर भी निशाना

गहलोत ने केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि चौधरी ने करीब 90 लाख रुपये की सब्सिडी ली थी और संसद में मामला उठने के बाद यह राशि वापस जमा करानी पड़ी। गहलोत ने कहा कि केवल राशि वापस कर देने से मामला खत्म नहीं होना चाहिए और ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने उदयपुर क्षेत्र के कुछ भाजपा विधायकों पर आदिवासी परिवारों को कथित तौर पर बंधक बनाकर उनकी जमीनों पर कब्जा करने के आरोपों का भी जिक्र किया। गहलोत ने इन मामलों की जांच की मांग की।

‘सरकार में गवर्नेंस नाम की चीज नहीं’

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार बढ़ रहा है और मंत्री आम लोगों से मिलने को तैयार नहीं हैं। गहलोत के अनुसार, जनता अपनी समस्याएं लेकर जाए तो उसकी सुनवाई नहीं हो रही।

उन्होंने जोधपुर सहित पूरे संभाग की कथित उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस विधायकों की बात नहीं सुनी जाती और सरकारी कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी उचित महत्व नहीं दिया जाता।

स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था पर भी घेरा

गहलोत ने सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कई जगह मरीजों को समय पर ऑक्सीजन, एक्स-रे और अन्य जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सरकार से अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और लापरवाही या भ्रष्टाचार मिलने पर कार्रवाई की मांग की।

कानून-व्यवस्था को लेकर उन्होंने हत्या, लूट और डकैती जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार पर अपराधों को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।

कांग्रेस की एकजुटता का दावा

राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी की चर्चाओं पर गहलोत ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने आगामी पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में कांग्रेस की जीत का भरोसा जताते हुए कहा कि पार्टी मिलकर चुनाव लड़ेगी।

गहलोत ने मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने और अरावली पर्वतमाला के संरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अरावली को नुकसान पहुंचने का सबसे ज्यादा असर राजस्थान पर पड़ेगा।

गहलोत के इन बयानों के बाद राजस्थान की राजनीति में भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के आसार हैं।