डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर सियासी हलचल के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अभी अपना पत्ता नहीं खोला है। केंद्रीय मंत्री और पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि यूसीसी पर उनकी पार्टी अपना रुख मसौदा सार्वजनिक होने के बाद ही स्पष्ट करेगी।
चिराग पासवान ने कहा कि यूसीसी जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विषय पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रस्तावित कानून को विस्तार से समझना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत अलग-अलग धर्मों, भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं वाला देश है। ऐसे में कानून बनाते समय सभी वर्गों की चिंताओं और हितों को ध्यान में रखना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मसौदा सार्वजनिक होने के बाद लोजपा (रामविलास) उसका अध्ययन करेगी और उसके प्रावधानों के आधार पर पार्टी की स्थिति तय की जाएगी। चिराग के बयान से साफ है कि पार्टी फिलहाल यूसीसी के समर्थन या विरोध में खुलकर सामने आने के बजाय मसौदे का इंतजार कर रही है।
चिराग पासवान की पार्टी केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का हिस्सा है। ऐसे में यूसीसी पर उनका यह रुख राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच कई मुद्दों पर समन्वय की परीक्षा भी होगी।
राजनीतिक हलकों में चिराग के बयान को बिहार के सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम माना जा रहा है। पार्टी मसौदा सामने आने के बाद ही यह तय करेगी कि वह यूसीसी को समर्थन देती है या उसके किसी प्रावधान पर आपत्ति जताती है।








