डेस्क : यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस के साथ जारी युद्ध के बीच देश में चुनाव कराना बेहद जोखिम भरा होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा परिस्थितियों में चुनाव यूक्रेन को राजनीतिक और सामाजिक रूप से विभाजित कर सकता है। जेलेंस्की की यह टिप्पणी उनके पूर्व रक्षा मंत्री मायखाइलो फेडोरोव की चुनाव कराने की मांग के बाद सामने आई है।
जेलेंस्की ने शनिवार को पत्रकारों के एक समूह के साथ हुई बैठक में कहा कि युद्ध के दौरान चुनाव कराना देश के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर देश को कमजोर और विभाजित करना है, तो युद्ध के बीच चुनाव की दिशा में आगे बढ़ना एक रास्ता हो सकता है।
यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू होने के कारण चुनाव स्थगित हैं। युद्ध के बीच चुनाव कराने के मुद्दे पर फिलहाल जनता का बड़ा हिस्सा भी इसके पक्ष में नहीं है। कीव इंस्टीट्यूट ऑफ सोशियोलॉजी के एक सर्वेक्षण के अनुसार, केवल 15 प्रतिशत यूक्रेनी नागरिक चाहते हैं कि युद्ध समाप्त होने से पहले चुनाव कराए जाएं।
चुनाव के सामने कई चुनौतियां
विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध के दौरान चुनाव कराने में कई व्यावहारिक चुनौतियां हैं। इनमें मोर्चे पर तैनात सैनिकों के मतदान की व्यवस्था, विदेशों में रह रहे लाखों यूक्रेनी नागरिकों की भागीदारी और रूस के कब्जे वाले क्षेत्रों के लोगों के मतदान का सवाल प्रमुख है। इसके अलावा रूसी दुष्प्रचार और चुनावी प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप को लेकर भी चिंता जताई गई है।
पूर्व रक्षा मंत्री फेडोरोव ने हाल ही में युद्ध के बीच चुनाव कराने का रास्ता तलाशने की अपील की थी। हालांकि, उन्होंने इसके लिए कोई स्पष्ट योजना पेश नहीं की। उनके इस रुख से उनके कुछ समर्थकों ने भी दूरी बनाई है।
राजनीतिक संकट के बीच जेलेंस्की का बयान
जेलेंस्की ने फेडोरोव पर निशाना साधते हुए कहा कि वह या तो खुद गलत दिशा में जा रहे हैं या फिर उन्हें उस दिशा में धकेला जा रहा है। फेडोरोव ने रक्षा क्षेत्र में सुधारों की वकालत की थी, लेकिन सैन्य कमान के साथ उनके मतभेद भी सामने आए थे।
जेलेंस्की ने कहा कि लोगों को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन सैन्यकर्मियों के प्रति असम्मानजनक रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि समाज और सेना के बीच किसी भी तरह का विभाजन यूक्रेन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा हालात में सबसे बड़ी जरूरत देश की एकता बनाए रखने की है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज और सेना के बीच बढ़ता मतभेद यूक्रेन को गंभीर और खतरनाक राजनीतिक परिस्थितियों की ओर ले जा सकता है।








